पराली जलाने वाले इन किसानों को नहीं मिलेगा PM Kisan Yojana का लाभ – बिहार किसान योजना हिंदी न्यूज

By | July 17, 2020

पराली जलाने वाले 108 किसान तीन साल तक योजना से हुए वंचित Bihar PM Kisan Yojana News

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बिहार सरकार की किसानों पर बड़ी कारवाई

वैसे तो आप सभी को पता ही है की भारत में सबसे ज्यादा वायु प्रदूषण होता है जिसके कारण वातावरण प्रदूषित होता जा रहा है। इसको रोकने के लिए केंद्र सरकार और राज्य सरकार मिल कर काम कर रहे है। लेकिन फिर भी बहुत से ऐसे लोग है जो जानबूझकर या अपनी ना समझी से कारण प्रदूषण फैलाते है और जो राज्य सरकार और केंद्र सरकार के द्वारा बनाये गए नियमो का पालन नहीं करते है। लेकिन इसको लेकर राज्य सरकार अब सख्त हो गयी है। इसी को देखते हुए पटना के पराली जलाने वाले 108 किसानो के खिलाफ करवाई की गयी है।

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108 किसानों को नहीं मिलेगा किसान योजनाओं का लाभ

राज्य सरकार ने पराली जलाने के लिए पहले से ही रोक लगा रखी है लेकिन किसानो ने उसके बावजूद पराली को जलाया जिसके कारण धुंआ होता है। जिससे वायु प्रदूषण होता है इसलिए पराली या फसल अवशेष को जलाने वाले 108 किसानो के खिलाफ राज्य सरकार की तरफ से करवाई की गयी है। जिसके तहत पटना के 108 किसानो को अगले तीन सालो तक किसानो से संबधित किसी भी योजना का लाभ नहीं दिया जायेगा 108 किसानों में 82 खरीफ की फसल जलाने वाले और 26 किसान रबी की फसल का अवशेष जलाया है।

कारवाई से डरते किसान फसल रात को जला रहे है

कृषि अधिकारियो का कहना है की दिन में किसान करवाई से डरते अब फसलों के अवशेष को रात को जला रहा है ताकि किसी को पता नहीं चल सके लेकिन कृषि अधिकारी का कहना है की जो रात को किसान फसल के अवशेष या पराली को जला रहे है उनकी पहचान की जा रही है उनके खिलाफ भी करवाई की जाएगी।

कटाई के बाद पराली या फसल के अवशेष को जलाने पर नुकसान क्या होता है

कृषि वैज्ञानिक का कहना की किसान जो अपनी फसल के बचे अवशेष को जलाते है वो अपनी ना समझी के कारण ऐसा करते है क्योंकी उनका कहना की किसान अपने खेत में पराली जलाते है तब जमीन में मौजूद उर्वरक सकती भी खत्म हो जाती है जिससे जमीन का उपजाऊपन खत्म होता है और धुंआ भी बहुत अधिक होता है जिसके कारण वायु प्रदूषण भी होता है।

कृषि वैज्ञानिको का कहना की किसान बचे हुए फसल के अवशेष को अपने खेत में छिड़क सकता है एक या दो साल बाद जब वो गल जायेंगे तो वो उर्वरक का काम करेंगे जिसके कारण फसल भी अच्छी होगी और जमीन का उपजाऊपन भी बना रहेगा और वायु प्रदूषण भी नहीं होगा।

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